Sunday, October 11, 2009

Unknown Aunty fucking - sex sotry in Hindi language

Unknown Aunty fucking - sex sotry in Hindi language

मेरा नाम अमित है। मैं २४ साल का कालबोय हूँ। मेरे लंड का साइज ८”, मोटाई ३” है। मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ।

एक बार मुझे एक मेल मिली। जिसमे एक महिला ने अपना फ़ोन नम्बर दिया हुआ था। मैंने उस नम्बर पर सम्पर्क किया तो उधर से एक भारी सी आवाज सुनाई दी। मैंने उसको अपने बारे में बताया तो उसने मुझे रात को आठ बजे आने को कहा। वो अम्बाला कैंट में रहती थी।

मैं रात को ठीक आठ बजे तैयार होकर उसके घर के सामने था। ऐसे तो मैंने कईयो को चोदा है पर जब भी किसी औरत का फ़ोन आता तो मैं रोमांचित हो जाता हूँ।

मैं उसके घर पहुंचा तो दरवाजा उसी ने ही खोला। वो मुझे सीधे अपने बैडरूम में ले गई और मुझे वहाँ बिठा कर ख़ुद रसोई में चली गई। जब वो वापस आई तो उसके हाथ में चाय के दो कप थे। वो मुझे चाय देकर मेरे पास में ही बैठ गई।

वो मुझे बड़े ध्यान से देख रही थी। वो ३७ - ३८ साल की ठीक ठाक सी औरत थी।

हमने बातें शुरू की तो उसने मुझे बताया कि उसकी किसी सहेली ने ही उसे मेरा पता दिया था जिसे मैंने पिछले महीने चोदा था। उसका पति ज्यादातर बाहर ही रहता है जिससे वो अपनी इच्छाओं को पूरा नहीं कर पाती थी। उसके कोई बच्चा भी नहीं था जिससे वो और भी ज्यादा उदास रहती थी।

मैं उसके थोड़ा नजदीक गया। मैंने उसके चूचों पर हाथ रखा। इस उमर में भी उसके चुचे टाइट थे मैंने उनको दबाना शुरू कर दिया। वो आह !शी !शी आह ! कर रही थी।

वो मेरे और करीब आ गई और उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया। मैंने उसके होठों को चूसना शुरू कर दिया। वो इसमें मेरा साथ देने लगी। वो मुझे जोर जोर से किस करने लगी जैसे कई सालों से प्यासी हो। वो मेरे होंठों को जोर जोर से चूस रही थी। मैंने उसकी साड़ी को निकाल दिया और उसकी ब्लाऊज़ को उससे अलग कर दिया। उसने ब्रा नहीं डाली थी। उसकी भारी भारी चुचियाँ अब आजाद थी और मैं उनसे खेलना लगा।

मैंने अपने होठो को उसकी निपल पर फिरना शुरू कर दिया उसने जोर से मेरा सर पकड़ लिया। मैं उसकी चूची को चूस रहा था। वो आहें भर रही थी उसका हाथ कभी कभी मेरी जांघों तक चला जाता था। मैंने अपनी चैन खोली और अपना लंड उसके हाथ में पकड़ा दिया वो उससे खेलने लगी।

मैंने अपना हाथ उसकी दोनों टांगो के बीच में डाला। मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने अपना हाथ भट्टी पर रख दिया हो। मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत में डाल दी। वो आह करने लगी। उसकी चूत टाइट थी। बिल्कुल नई लड़की की तरह। मैं उसकी चूत में उँगली जोर जोर से घुमाने लगा। उसे मजा आ रहा था।

मैंने उसका सर पकड़ा और नीचे ले गया। एक बार तो उसने मना किया पर दूसरी बार कहने पर मेरा लंड उसने अपने मुँह में ले लिया, वो उसे पहले धीरे धीरे चूम रही पर अब वो उसे अच्छे से चूस रही थी उसको उसमें मजा आने लगा था।

मैंने करवट बदली, उसका सर मेरे पैरों की तरफ़ और मैं उसके पैरों की तरफ़ था यानी मेरा सर उसकी चूत पर और मेरा लंड उसके मुँह पर। मैंने उसकी टांगो को फ़ैलाया और अपना मुंह उसकी चूत पर रख दिया। उसने कस कर मेरे चूतडों को अपनी बांहों में भर लिया। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया। वो आह आह सी….. आह कर रही थी उसको मजा आ रहा था वो मेरे लंड को जोर जोर से चूस रही थी।

वो गरम हो चुकी थी वो मुझसे बोली कि अब और मत सताओ और अपना लंड मेरी चूत में डाल दो। मैं अभी और मजा लेना चाहता था पर उसके बार बार कहने पर मैं उसकी टांगो के बीच में बैठ गया। मैंने उसकी दोनों टांगे ऊपर उठाई और उसकी गांड के नीचे तकिया दिया। मैं अपने लंड पर निरोध लगाने लगा पर उसने मना कर दिया। कहने लगी शायद आप से ही मेरी कोख भर जाए।

मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रख थोड़ा जोर लगाया। पर चूत टाइट होने के कारण अन्दर जाने में दिक्कत हो रही थी। मैंने अबकी बार थोड़ा सैट करके जोर लगा तो मेरा लंड थोड़ा अन्दर चला गया।

पर वो चिल्लाई,”प्लीज आराम से करो दर्द हो रहा है”

मैंने कहा, ”ठीक है पर थोड़ा तो सहना पड़ेगा”

उसने गर्दन हिलाई। मैंने उसकी टांगों थोड़ा और ऊपर उठा कर जोर लगाया तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में समां गया। मैंने फ़िर से धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और धक्के लगाने शुरू कर दिए।

वो बोले जा रही थी ” प्लीज आराम से करो, दर्द हो रहा है”

पर मैं अपनी मस्ती में धक्के लगा रहा था। अब वो भी मेरा साथ दे रही थी, बोल रही थी ” अमित मेरी चूत को जरा और जोर से चोदो, आज बहुत दिनों के बाद इसकी प्यास बुझी है”

मैं जोर जोर से धक्के लगाये जा रहा था और वो बोले जा रही थी- और जोर से चोदो अमित और जोर से।

वो बोली- अमित जोर से करो मैं झड़ने वाली हूँ।

मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी, वो झड़ चुकी थी पर मेरा अभी बाकी था, मैं लगा हुआ था।

४० मिनट के बाद मुझे लगा कि मेरा भी होने वाला है और चार पाँच धक्कों के बाद मैं उसके ऊपर गिर पड़ा उसने मुझे जोर से अपनी बाहों में भर लिया। हम कुछ देर इसी तरह पड़े रहे फिर अलग हो गए।

इसके बाद हमने एक दूसरे को साफ़ किया उसने मेरा चाट कर और मैंने उसकी चाट कर।

फिर हमने खाना खाया जो उसने पहले ही बना कर रखा हुआ था।

और इस तरह उस रात हमने चार बार मजा लिया। सुबह उसने मुझे मेरे फीस के पैसे दिए और मैं चला आया।

इसके बाद उसने मुझे सात आठ बार बुलाया। अब वो एक बच्चे की माँ बनने वाली है। जिसके लिए वो मेरा अहसान मानती है।

1 comment:

  1. Hi,dost plz mujhe bhi recommend kar yaar,mai vizag se hu. With_love_sameer@yahoo.co.in

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